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अलविदा पंकज उधास: ‘चांदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल…’, यूं ही चमकती रहे हमेशा तेरे हुनर की धूप

म्यूजिक इंडस्ट्री से सोमवार को एक बुरी खबर सामने आई है। दरअसल, मशहूर गजल गायकपंकज उधासका 26 फरवरी को निधन हो गया है। पंकज उधास ने 72 साल की उम्र में आखिरी सांस ली है। पंकज उधास लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पंकज उधास की बेटी ने इस दुखद खबर को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। पंकज उधास के निधन की खबर आते ही उनके फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है। फैंस को विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि पंकज उधास अब इस दुनिया में नहीं हैं। पंकज उधास के निधन के बाद उनके तमाम चाहने वाले उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

सुर तो सधे हुए थे ही, ईश्वर प्रदत्त कोमलता वाला गायन रुई के फाहे जैसा प्रभाव, सुनने वाले के घावों पर मरहम लगा देता था। उन्होंने हमेशा ऐसा गाया, जो निभाया जा सके।

उनकी अपनी कैसेट और फिल्मी गीत कई हैं। उनका गजलों का चयन शराब के आसपास अधिक रहा, जिसे सुनने वालों की भरपूर संख्या होती है, किंतु कुछ रचनाएं ऐसी हैं, जो सुनने वालों के मन पर अमिट छाप की तरह हैं।

कौन है, जो‘चांदी जैसा रंग है तेरा’, सोने जैसे बाल’ को सुनकर पहले जैसा रह जाता होगा। उदासी के रंगों से बनी एक तस्वीर है यह गजल जिसे हम, ‘दीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है, हम भी पागल हो जाएंगे, ऐसा लगता है’ के रूप में जानते हैं। और सादगी भी तो कयामत की अदा तब हुई, जब उन्होंने एक फिल्म के लिए गाया, ‘न कजरे की धार, न कोई किया ¨सगार फिर भी कितनी सुंदर हो।’

पंकज उधास की बेटी ने शेयर किया पोस्ट

पंकज उधासकी बेटी नायाब उधास ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पिता के निधन की जानकारी दी है। नायाब उधास ने एक नोट शेयर करते हुए लिखा था, ‘बहुत दुख के साथ हमें ये आपको बताना पड़ रहा है कि पद्मश्री पंकज उधास का 26 फरवरी, 2024 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। उधास फैमिली।’ वहीं, पंकज उधास के पीआर ने बताया है कि 26 फरवरी को सुबह अस्पताल में उनका निधन हुआ है। पंकज उधास लंबे समय से बीमार थे। पंकज उधास की बेटी नायाब उधास के इस पोस्ट पर गजल गायक के फैंस उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। म्यूजिक इंडस्ट्री के तमाम सेलिब्रिटीज पकंज उधास के निधन पर दुख जता रहे हैं।